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अज्ञान का तमस तिमिर ज्ञान रूपी आलोक प्रकृति जग के लिए हितकर आदर्शविचार पुरुषोत्तम नई शुरुआत शेरों माँ गमों का अभाव सन्मार्ग मानवता के पोषक जग-संचालन जीवन रूपी सागर मैंऔरमेरीकविताएं सर्वांगीणविकास शुभता का भाव चाहेकष्टअपार।हरसंकटमेंसाथहो प्रेमहिईश्वरहै

Hindi जग रूपी भवसागर Quotes