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विवेकपूर्ण नियोजन सब्र जग स्वर्ग समान दुख रूपी शाम जुदाहोकरमिलनेकावादाकरो/इकरारआनेकाज्यादाकरो.मुहब्बतमेंजीनेकायेहीचलनहै/बनोश्याममेरानामराधाधरो मोतीलाल महापुरुषों के बारे में माता पुरुषोत्तम आदर्शविचार प्मास प्रेरक मानवता के पोषक पूर्णता अहम् यहां जग हंसाई नहीं हों। पहली शिक्षक जग सकल अधूरा माँ पिताकेत्याग

Hindi जग रूपी भवसागर Quotes