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पेन इंसानियत निश्छल-निडर सबसे पहले मैंऔरमेरीकविताएं अहम् प्रकृति नई शुरुआत युग्म मानवता के पोषक गमों का अभाव भक्ति बच्चे यहां जग हंसाई नहीं हों। सर्वांगीणविकास अज्ञान रूपी तम दिन आएंगे अच्छे ज्ञान रूपी आलोक मैया की दुवाई सब्र

Hindi जग रूपी भवसागर Quotes