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जग के लिए हितकर भवसागर महामहिलापत्नी सन्मार्ग सब्र मोतीलाल मानवता के पोषक जग स्वर्ग समान विवेकपूर्ण नियोजन चाहेकष्टअपार।हरसंकटमेंसाथहो पहली शिक्षक प्रेमहिईश्वरहै सर्वांगीणविकास जग बदलेंगे यात्रा पथ मैया की दुवाई जीवन रूपी सागर यहां जग हंसाई नहीं हों। धार्मिक भाव माता

Hindi जग रूपी भवसागर Quotes